75th Founding Day Lecture Meeting on “India@2030” Know More

August 2022

Poems

By
Reading Time 1 mins
हमारा भारत देश आज आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।। इस पावन अवसर पर हमारे सीए सदस्यों ने भारत देश और उसकी आजादी के विविध पहलू पर अपने विचार कविता के माध्यम से प्रकट कि ए है।। हर काव्य से पहले एक कयूआर कोड (QR Code) दि या गया है, जि से स्के न करके आप इन काव्यो को रचयि ता के स्वर में सुन भी सकते है।। आज़ाद परिंदे आज़ाद उस परिंदे को क्या पता है क़ै द में रहना क्या होता है घुटते रहना, सहमे रहना सिसक्ते रहना क्या होता है   कुछ ऐसे ही, हालात हैं अपने बेख़ुदी में जी रहें हम सब खुद की मनमानी करते अपने दिल

You May Also Like